बुधवार, 9 जुलाई 2008

rangparsai


4 टिप्‍पणियां:

yaksh ने कहा…

वाह! गुणवत्तापूर्ण,सर्वश्रेष्ठ,संग्रहणीय,रोचक simply speechless.

sudhakar soni,cartoonist ने कहा…

bahut hi badhiya dubeji,parsaiji ko bahut hi sundar dhang se prastut kiya hai qaapne

pallavi trivedi ने कहा…

bahut badhiya...hamesha ki tarah.

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

सही! विद्या पता नहीं मगर पी एच डी की सनद तो आज भी गुरु-कृपा (कुछ भुक्तभोगी इसे शोषण भी कहेंगे) से ही मिलती है